मीतू और मीठे आम
आम के बाग में पके आमों की महक भरी थी। मीतू पेड़ के नीचे खड़ी होकर नाक से सूँघ रही थी। सुबह उसने नानी से वादा किया था, "नानी, दोपहर को हम दोनों मीठे आम खाएँगे।…
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आम के बाग में पके आमों की महक भरी थी। मीतू पेड़ के नीचे खड़ी होकर नाक से सूँघ रही थी। सुबह उसने नानी से वादा किया था, "नानी, दोपहर को हम दोनों मीठे आम खाएँगे।…
"ये गुलाबी-गुलाबी क्या है, दादी?" मीनू ने कटोरी में झाँककर पूछा। दादी चूल्हे पर रोटी सेंक रही थीं। "चुकंदर की खीर है, मीनू। आज पहली बार बनाई है। चखकर बताओ,…
मीतू को आज अपने दिल की धक-धक सुननी थी। डॉक्टर दीदी के पास एक सुनने वाली नली थी, और मीतू ने सुना था कि उससे दिल बोलता है। मीतू और मम्मी सुबह-सुबह घर से चलीं।…
मीनू की लाल साइकिल पगडंडी पर डगमग-डगमग चल रही थी। मीनू ने हैंडल कसकर पकड़ रखा था और उसकी आँखें अपने पैरों पर थीं। आज उसे आम के पेड़ से बगीचे के फाटक तक जाना…
नीलू सब्ज़ियों के बगीचे में गाजर खींच रही थी। किनारे पर पुदीना और धनिया लगे थे, और मधुमक्खियाँ गुनगुन कर रही थीं। नीलू का आगे का एक दाँत हिल रहा था। हिल-हिल,…
मीनू को स्कूल में अपना लाल बस्ता अपने हुक पर टाँगना था। आज स्कूल का पहला दिन था। टीचर जी ने कहा था, “मीनू, तुम्हारे हुक पर पीली मछली बनी है।” मीनू दीवार के पास…