मीनू और डाकिया काका की घंटी
मीनू ऐसी लड़की थी जो रोज़ सुबह मुर्गे से भी पहले उठ जाती थी, क्योंकि उसे डाकिया काका का इंतज़ार रहता था। आज उसके पास नानी के लिए एक चित्र था। उसमें लाल सूरज था…
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मीनू ऐसी लड़की थी जो रोज़ सुबह मुर्गे से भी पहले उठ जाती थी, क्योंकि उसे डाकिया काका का इंतज़ार रहता था। आज उसके पास नानी के लिए एक चित्र था। उसमें लाल सूरज था…
मीनू की हिचकी बाकी सबकी हिचकी जैसी नहीं थी। उसकी हिचकी साइकिल की घंटी की तरह बजती थी: टिंग! मीनू को लाइब्रेरी का शांत कोना सबसे अच्छा लगता था। वहाँ एक नरम…
लाली एक लाल दमकल गाड़ी थी, और उसकी घंटी बजती नहीं थी, गुनगुनाती थी। टन-टन की जगह वह "ऊँ-ऊँ-ऊँ" करती थी। लाली को एक ही काम सबसे अच्छा लगता था। आग बुझाना। एक…